भिवानी की शिक्षक मनीषा हत्याकांड: हर पहलू पर विस्तृत रिपोर्ट और न्याय की मांग
18 वर्षीया शिक्षिका मनीषा के निधन ने हरियाणा के भिवानी ज़िले को झकझोर दिया है। यह रिपोर्ट मामले की पूरी पृष्ठभूमि, पुलिस की जांच, मेडिकल रिपोर्ट, परिजनों व समाज की प्रतिक्रिया, राजनीतिक आक्रोश और न्याय की मांग को समेटती है।
घटना की शुरुआत: लापता होने से शव मिलने तक:
11 अगस्त 2025 को मनीषा ढाणी लक्ष्मण गांव स्थित अपने घर से रोज़ की तरह सिंहानी स्थित प्ले स्कूल और नज़दीकी नर्सिंग कॉलेज में दाख़िले की जानकारी लेने निकली। सीसीटीवी फुटेज से पुष्टि हुई कि वह उसी दोपहर कॉलेज के आसपास दिखी, लेकिन इसके बाद उसका कोई सुराग नहीं मिला शाम तक घर न लौटने पर परिवार ने पुलिस से संपर्क किया, परिजनों के अनुसार लोहाड़ू थाना पुलिस ने पहले दिन गुमशुदगी दर्ज नहीं की और कहा कि “लड़की भाग गई होगी, दो दिन में लौट आएगी”
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18 वर्षीया शिक्षिका मनीषा के निधन ने हरियाणा के भिवानी ज़िले को झकझोर दिया है। यह रिपोर्ट मामले की पूरी पृष्ठभूमि, पुलिस की जांच, मेडिकल रिपोर्ट, परिजनों व समाज की प्रतिक्रिया, राजनीतिक आक्रोश और न्याय की मांग को समेटती है।
घटना की शुरुआत: लापता होने से शव मिलने तक:
11 अगस्त 2025 को मनीषा ढाणी लक्ष्मण गांव स्थित अपने घर से रोज़ की तरह सिंहानी स्थित प्ले स्कूल और नज़दीकी नर्सिंग कॉलेज में दाख़िले की जानकारी लेने निकली। सीसीटीवी फुटेज से पुष्टि हुई कि वह उसी दोपहर कॉलेज के आसपास दिखी, लेकिन इसके बाद उसका कोई सुराग नहीं मिला शाम तक घर न लौटने पर परिवार ने पुलिस से संपर्क किया, परिजनों के अनुसार लोहाड़ू थाना पुलिस ने पहले दिन गुमशुदगी दर्ज नहीं की और कहा कि “लड़की भाग गई होगी, दो दिन में लौट आएगी”
शिकायत अगले दिन दर्ज हुई:
13 अगस्त की सुबह सिंहानी गांव के पास नहर किनारे एक किसान को क्षत-विक्षत शव मिला। पुलिस ने पहुंच कर शव की पहचान मनीषा के रूप में की शव की हालत बेहद भयावह थी: गला पूरी तरह कटा हुआ और सिर धड़ से लगभग अलग था; दोनों आँखें गायब थीं; कपड़े फटे हुए थे; पास में उसका दुपट्टा और जूती पड़ी थी
पोस्टमार्टम, मेडिकल रिपोर्ट और पुलिस की थ्योरी:
प्रारम्भिक पोस्टमार्टम:
पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज (पीजीआईएमएस) रोहतक में किये गये पोस्टमार्टम के अनुसार शरीर में गहन सड़ांध और कई अंग गायब थे; गर्दन पर चिरा हुआ घाव था और खोपड़ी में कई जगह फ्रैक्चर पाया गया फेफड़े, हृदय, गुर्दे, पेट का अधिकांश हिस्सा और गर्भाशय सहित कई अंदरूनी अंग नहीं मिले, पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सकों ने बताया कि वे दुष्कर्म के प्रमाण नहीं देख पाए; नमूने आगे की जांच के लिए सुरक्षित किए गये
बिसरा (लैब) रिपोर्ट:
18 अगस्त को सुनारिया लैब से आई बिसरा रिपोर्ट ने प्रारम्भिक अनुमानों को चुनौती दी। रिपोर्ट के अनुसार: मनीषा के शरीर के नमूनों में कीटनाशक (पेस्टीसाइड) के अंश मिले। चिकित्सकों ने मौत का कारण इसी रसायन का सेवन बताया, शरीर पर सीमन या दुष्कर्म के कोई प्रमाण नहीं मिले, चेहरे पर एसिड या अन्य रसायन के निशान नहीं मिले, रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि मनीषा की मौत के बाद जंगली जानवरों ने शव के अंग नोच कर खाए; इसी वजह से कई अंग गायब थे, पुलिस ने दावा किया कि मनीषा के बैग से सुसाइड नोट मिला है, जिसकी हैंडराइटिंग कथित रूप से मनीषा से मिलती है
पुलिस का दावा: ‘आत्महत्या का एंगल’
भिवानी के नये एसपी सुमित कुमार ने बताया कि: 19 वर्षीय मनीषा ने 11 अगस्त को पास की दुकान से कीटनाशक खरीदा था, उसके बैग से बरामद सुसाइड नोट से पुलिस को आत्महत्या का संदेह हुआ।उनके अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गर्दन पर कट के निशान नहीं हैं और मौत का कारण ज़हर का सेवन ही है उन्होंने कहा कि मामले में सभी पहलुओं से जांच चल रही है और विशेष जांच टीमें बनाई गई हैं
परिजनों और ग्रामीणों का विरोध:
मनीषा के परिवार व गांव वाले पुलिस के “आत्महत्या सिद्धांत” को सिरे से खारिज कर रहे हैं। उनका कहना है कि: मनीषा खुशमिजाज और महत्वाकांक्षी थी; वह तीन साल का नर्सिंग कोर्स करना चाहती थी। दादा रामकिशन ने कहा कि उन्होंने खर्च देने का आश्वासन भी दिया था, परिवार ने सवाल उठाया कि आत्महत्या करने वाला अपना गला कैसे काट सकता है और चेहरा जलाने के लिए एसिड कैसे छिड़क सकता है, परिजनों ने कहा कि उन्हें सुसाइड नोट की जानकारी कई दिन बाद सोशल मीडिया से मिली; पुलिस ने पहले इस बारे में कुछ नहीं बताया, मनीषा के पिता संजय सिंह ने पुलिस पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा, “पुलिस ने समय पर कार्रवाई नहीं की, इसलिए मेरी बेटी की मौत हुई” उन्होंने कहा कि जब वह 11 अगस्त को गुमशुदगी दर्ज कराने गये थे, पुलिस ने शिकायत लेने से इंकार कर दिया और कहा कि बेटी घूमने चली गई होगी
जनाक्रोश: धरने, महापंचायत और सड़कों पर उतरते लोग:
मनीषा की मौत के बाद हरियाणा के कई जिलों में भारी विरोध प्रदर्शन हुए।
13 अगस्त से परिवार ने शव का अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया और दोषियों की गिरफ्तारी तक धरने पर बैठ गये भादरा में बाजार दो घंटे बंद रहे, लोगों ने कैंडल मार्च और धरना आयोजित किया और दोषियों को फांसी देने की मांग की दिल्ली–पिलानी मार्ग पर टायर व मोटरसाइकिल रखकर रोड जाम किया गया; छात्रों और ग्रामीणों ने मिलकर जुलूस निकाले धिगावा मंडी में महापंचायत हुई जिसमें पूर्व मंत्री जेपी दलाल व अन्य नेताओं ने परिवार को न्याय का आश्वासन दिया पर ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि पहले आरोपी पकड़ें
राजनीतिक तूफ़ान और सरकार पर दबाव:
घटना ने प्रदेश की राजनीति को हिला दिया।
कांग्रेस नेता कुमारी शैलजा ने इसे “कानून-व्यवस्था की विफलता” बताते हुए सवाल उठाया कि “क्या हरियाणा में बेटियां सुरक्षित हैं?” पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि अगर पुलिस समय पर कदम उठाती तो मनीषा की जान बच सकती थी उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त है。जननायक जनता पार्टी के दिग्विजय चौटाला ने कहा कि पुलिस आरोपी तक नहीं पहुंच पा रही है और मुख्यमंत्री दिल्ली से आदेश ले रहे हैं इंडियन नेशनल लोक दल (आईएनएलडी) नेता अभय चौटाला ने इसे ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ नारे की पोल खोलने वाला “काला धब्बा” कहा आम आदमी पार्टी के नेता अनुराग धान्डा ने आंकड़े देते हुए कहा कि 2025 की पहली छमाही में 4,100 से अधिक लोग लापता हुए; अपराधी बेखौफ हैं और सरकार मूक दर्शक बनी हुई है
सरकारी कार्रवाई:
भारी जनदबाव के बाद हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 16 अगस्त को भिवानी के एसपी मनबीर सिंह को हटाकर सुमित कुमार को नया एसपी नियुक्त किया और लोहाड़ू थाना प्रभारी अशोक कुमार, महिला एएसआई शकुंतला, ईआरवी एएसआई अनूप, कांस्टेबल पवन और एसपीओ धर्मेंद्र सहित पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित किया, उन्होंने कहा कि राज्य में क़ानून-व्यवस्था बिगड़ने नहीं दी जाएगी और इस घटना को अंजाम देने वालों को बख्शा नहीं जाएगा, राज्य की सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी ने कहा कि सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एसपी का तबादला और पांच अधिकारियों के निलंबन के आदेश दिये हैं सिंहानी के सरपंच संजीत कुमार का कहना है कि एसपी सुमित कुमार ने ग्रामीणों को बताया है कि पुलिस के पास कुछ सुराग हैं और जल्द गिरफ्तारी होगी
अब क्या आगे?
मेडिकल रिपोर्ट के बाद पुलिस आत्महत्या के एंगल को मानकर चल रही है, जबकि परिवार और समाज इसे सोची-समझी हत्या बता रहे हैं। पुलिस का दावा है कि कीटनाशक सेवन और सुसाइड नोट के आधार पर यह आत्महत्या हो सकती है परिजन मानते हैं कि शव पर मिले घाव, आंखों का गायब होना और कपड़ों का फटा होना हत्या की ओर इशारा करते हैं कानून विशेषज्ञों का कहना है कि कीटनाशक मिलना हत्या या आत्महत्या दोनों ही स्थितियों में संभव है; अहम सवाल है? यह पदार्थ स्वेच्छा से लिया गया या किसी ने ज़बरदस्ती पिलाया?
न्याय की मांग:
लोकतंत्र में न्याय की आशा सर्वोपरि होती है। मनीषा के मामले ने महिलाओं की सुरक्षा, पुलिस की संवेदनशीलता और न्याय व्यवस्था की विश्वसनीयता पर कई प्रश्न खड़े किए हैं। परिवार और ग्रामीणों की मुख्य मांग है कि आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़कर सख़्त सजा दी जाये और मामले की सीबीआई या न्यायिक जांच कराई जाए ताकि निष्पक्षता बनी रहे। प्रदेश के नागरिकों ने भीषण गर्मी और बारिश के बावजूद सड़क पर उतर कर बेटियों की सुरक्षा के लिए आवाज़ उठाई है। राजनीतिक दलों ने इसे कानून-व्यवस्था का मुद्दा बनाते हुए सरकार पर दबाव बढ़ाया है कि दोषियों को बख्शा न जाये। मानवाधिकार आयोग ने भी राज्य के डीजीपी से रिपोर्ट तलब की है
भिवानी की 19 वर्षीय शिक्षिका मनीषा का हत्याकांड/मौत केवल एक अपराध नहीं बल्कि सामाजिक चेतना का प्रश्न बन गया है। एक तरफ पुलिस की थ्योरी आत्महत्या की ओर इशारा करती है, वहीं दूसरी ओर परिवार, ग्रामीण और अनेक राजनीतिक दल इसे हत्या मानते हैं और जांच में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं।
जब तक जांच निष्कर्ष तक नहीं पहुँचती और दोषियों को कठोर सजा नहीं मिलती, तब तक हरियाणा की सड़कों पर उठ रही न्याय की मांग शांत होती दिखायी नहीं देती। यह मामला महिलाओं की सुरक्षा और पुलिस जवाबदेही पर गंभीर बहस छेड़ रहा है। View Less